APMC के अध्यक्ष राम सिंह मियां ने कहा -बोली सार्वजनिक ,आढ़ती किसी को वीडियो बनाने से नही रोक सकता ,मीडिया का काम कवरेज करना है💐

APMC अध्यक्ष राम सिंह मियां ने कहा—बोली सार्वजनिक, आढ़ती किसी को वीडियो बनाने से नहीं रोक सकता,मिडिया का काम कवरेज करना

किसान संगठन ने भी जताई नाराजगी

भुंतर। भुंतर सब्जी मंडी में सेब, नाशपाती सहित अन्य फल-सब्जियों की बोली प्रक्रिया के दौरान डिजिटल मीडिया की लाइव कवरेज रुकवाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। लाइव वीडियो कवरेज रोके जाने को लेकर किसानों-बागवानों के बीच भी सवाल उठने लगे हैं। मामले पर दी लोअर कुल्लू किसान बागवान संगठन भुंतर के अध्यक्ष करतार सिंह गुलरिया ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे निंदनीय करार दिया है।
करतार सिंह गुलरिया ने कहा कि किसी चैनल या मीडिया कर्मी को लाइव वीडियो बनाने से रोकना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यदि बोली प्रक्रिया में सब कुछ पारदर्शी है तो उसकी लाइव कवरेज से किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। किसानों और बागवानों की मेहनत से तैयार उपज की खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
सब्जी मंडी में उत्पाद क्या भाव गए यह मीडिया ही जनता तक जानकारी पहुंचता है।
उन्होंने कहा कि वीडियो बनाना या समाचार के माध्यम से जनता तक जानकारी पहुंचाना किसानों-बागवानों और आम जनता के हित में है।
वहीं एपीएमसी कुल्लू एवं लाहौल-स्पीति के अध्यक्ष राम सिंह मियां ने भी स्पष्ट किया कि किसी आढ़ती द्वारा किसी को वीडियो बनाने से रोकना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मंडी में होने वाली बोली सार्वजनिक प्रक्रिया है और सभी को रेट की जानकारी होनी चाहिए। जनहित और समाचारों के आदान-प्रदान के लिए मीडिया द्वारा वीडियो कवरेज की जाती है। ऐसे में किसी को वीडियो बनाने से रोकना सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह के किसी मामले में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल—आखिर लाइव कवरेज रोकने की जरूरत क्यों पड़ी?
भुंतर सब्जी मंडी में बोली प्रक्रिया की लाइव कवरेज रुकवाने को लेकर अब सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि जब बोली सार्वजनिक है और पारदर्शिता किसानों-बागवानों, आढ़तियों और खरीदारों के हित में है, तो फिर लाइव कवरेज रोकने की आवश्यकता आखिर क्यों पड़ी?
मंडी में किसान और बागवान अपनी मेहनत की उपज लेकर पहुंचते हैं और खरीदार अपनी पूंजी लगाकर माल खरीदते हैं। ऐसे में बोली प्रक्रिया जितनी पारदर्शी होगी, उतना ही सभी पक्षों का विश्वास मजबूत होगा। लाइव कवरेज रोकने की घटना ने कई सवालों को जन्म दिया है, जिनका स्पष्ट जवाब अब संबंधित जिम्मेदारों और मंडी प्रशासन को देना होगा।
क्या मंडी में बोली प्रक्रिया की पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित है? आखिर वह कौन-सी वजह थी जिसके चलते लाइव प्रसारण रुकवाया गया?
इन सवालों के जवाब अब किसान-बागवान ही नहीं, बल्कि आम जनता भी जानना चाहती है। मंडी में पारदर्शिता पर कोई सवाल न उठे, इसके लिए प्रशासन को पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

Leave a Comment

Recent Post

क्रिकेट लाइव स्कोर

You May Like This