थलौट के डाभरी मेले मे होगा एतिहासिक देव मिलन
जिला मंडी के थलौट के डाभरी मेले मे इस बर्ष पंजाई के देवता पंडरीक ऋषि और थलौट के स्थानीय देवता मारकंडे ऋषि का भव्य मिलन होगा। बर्ष 2022 से शुरू हुए डाभरी मेले मे सबसे पहले गणपति भटवाडी के देवता अपने लावलश्कर के साथ शामिल हुए थे । बर्ष 2023 मे गणपति देवता जलैऊणी इस मेले मे शामिल हुए थे, तथा इस बर्ष 2024 मे देवता पंडरीक ऋषि पंजाई इस मेले मे अपने पूरे लावलश्कर के साथ उपस्थित होने वाले है।
बताया जाता है कि देवता पंडरीक ऋषि और दवता मारकंडे ऋषि थलौट का यह मिलन एक सदी के बाद हो रहा है ।जिसका आपसी मिलन की किसी के पास कोई पुख्ता जानकारी नहीं है सर्वजनिक तौर पर दोनों देवताओं का एतिहासिक मिलन व मेले की तैयारी मे थलौट वासी जुट गए हैं तथा मेले व देवताओं के मिलन का इंतजार भी हो रहा है।
1,2,3,मई 2024 को मनाया जाने वाले इस मेले के लिए देवता पंडरीक ऋषि को निमंत्रण भेजा जा चुका है तथा देवता पंडरीक ऋषि ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है।
पहली म्ई को देवता पंडरीक ऋषि अपने स्थान से सुबह रवाना होंगे और दोपहर तक थलौट के डाभरी मेला मैदान मे पहुँच जाऐंगे।देवता पंडरीक ऋषि का स्वागत स्थानीय देवता मारकंडे ऋषि करेंगे और ईसी के साथ तीन दीवसीय डाभरी मेला आरंभ हो जाएगा। मेले मैदान की साफ़ सफाई के लिए देवता कमेटी के लोग युवक मंडल थलौट के दोनों युवक मंडल जुट गए हैं,
मेले मे सभी तरह के व्यापारी मिठाई बिक्रेता सहित अन्य लोग मेले की शोभा बढाऐगें।
देवता के कारदार क्रम सिह ने बताया कि मेले मे होने वाले सभी कार्य क्रम की पूरी तैयारी हो चुकी हैतथा इस मेले मे पहाड़ी नाटी और लोकल कल्चर मुख्य रूप से मेले का आकर्षण रहेगा साथ ही दोनों देवताओं के हारियन संयुक्त रूप से नाटी का भव्य आयोजन किया जाऐगा।
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