पूर्वएचपीएमसी चेयरमैन राम सिंह के समर्थक बिगाड़ सकते हैं भाजपा प्रत्याशी के समीकरण,,,
बतौर आजाद प्रत्याशी चुनाव लड़ कर 12000 बोट किए थे हासिल,
मुनीष कौंडल।
भुंतर, 2 अप्रैल। कुल्लू विधानसभा से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने वाले एचपीएमसी के पूर्व चेयरमैन राम सिंह के समर्थक लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के समीकरण बिगाड़ सकते हैं। हिमाचल प्रदेश में 2022 में हुए विधानसभा चुनावों में कुल्लू से राम सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था जिसमें उन्हे हार का सामना करना तो पड़ा लेकिन बड़ी बात यह हैं कि 12 हजार बोट पर सेंध मरी की थी। इससे पहले राम सिंह ने भाजपा के टिकट से भी चुनाव लड़े थे तो उस समय बहुत कम बोट से हार हुई थी।
निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने के चलते इन्हें भाजपा से निष्कासित कर दिया था लेकिन उसके उपरांत अभी तक घर वापसी नहीं हुई है । अगर भाजपा निष्कासित व रूठे हुए अपने पुराने नेताओं को मनाने में कामयाब नहीं हुई तो ऐसे में मंडी पार्लियामेंट के लोकसभा चुनाव में यह लोग व इनके समार्थक भाजपा प्रत्याशी का समीकरण बिगड़ सकते हैं। क्योंकि समर्थक इनके इसारे के इंतजार में हैं की हवा का रूख किस ओर मोड़ना है।
बता दें विपक्षी दल के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अगुवाई में मंडी शेरी मंच में कंगना रनौत पर की अभद्र टिप्पणी के चलते आक्रोश रैली निकाली थी । उसी दिन पूर्व में भाजपा से निष्काशित नेतागण पण्डोह में चाय पर चर्चा के साथ रणनीति तैयारी करते नजर आए। अगर भाजपा के इन बागी नेताओं ने कोई खेला किया तो बड़ा नुकसान भाजपा को झेलना पड़ सकता हैं। इन बागियों ने अपने- अपने क्षेत्र में आजाद उम्मीदवार के रूप में चनाव लड़े थे l जिसमें इन्हें हार का सामना तो करना पड़ा लेकिन बोट में काफी बड़ी सेंधमारी की थी। अगर सभी के बोटों का आंकलन करें तो बाजी एक लाख बोट के लगभग जा सकती है।
वहीं दूसरी ओर मंडी लोकसभा क्षेत्र में कंगना रनौत को टिकट देने के बाद पूर्व सांसद महेश्वर सिंह भी खासे नाराज दिख रहे हैं। लेकिन इनके पुत्र हितेश्वर सिंह पंडोह में गत दिनों हुई चाय पर खास चर्चा में मौजूद रहे । वहीं पूर्व एचपीएमसी के चेयरमैन व कुल्लू के तेजतर्रार नेता राम सिंह भी इस बैठक का हिस्सा बने । द्रग के पूर्व विधायक जवाहर ठाकुर से लेकर आनी के पूर्व विधायक किशोरी लाल सागर, पूर्व मंत्री रूप सिंह ठाकुर के पुत्र अभिषेक ठाकुर, प्रवीण कुमार शर्मा पिन्नू और किन्नौर के पूर्व विधायक तेजवंत नेगी ने भी चाय पर चर्चा के बहाने बैठक में मौजूद रहे। अगर इन नेताओं का निष्कासन बहाल नहीं करते तो इनके समर्थक इसारा मिलते ही बड़ा खेला कर जाएंगे।








