जिया में फोरलेन का पानी किसानों की फसलों को पहुंचा रहा नुकसान
फोरलेन में निकासी नालियों का प्रावधान नहीं किसान बागवान झेल रहे परेशानी
भुंतर, 28 जनवरी। एनएचएआई की लापरवाही का खामियाजा जिया के किसानों – बागवानों को भी झेलना पड़ रहा है। जिया गांव में सड़क किनारे निकासी नालियों का सही प्रावधान न होने के कारण फोरलेन का सारा पानी किसानों के खेतो में घुस रहा है। जिससे किसानों व बागवानों की फसले ख़राब हो रही है और भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। जबकि ग्राम पंचायत जिया व ग्रामीण इस समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन व एनएचएआई से बार -बार गुहार लगा रहे है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। गौरतलब है कि जिया के अधिकतर लोग किसानी व बागवानी पर ही निर्धारित है। किसान अपने परिवार का पालन पोषण खेतों में उगाई गई नगदी फसल व फल आदि की कमाई से करता है। जब किसान की फसल ही खराब हो जाएगी तो वह अपने परिवार को कैसे पालेगा। किसान एवं बागवान पूर्व बीडीसी सदस्य वीर सिंह का कहना है कि फोरलेन से मेरे बगीचे व फसल ख़राब को रही है। उन्होंने एनएचएआई की कार्य प्रणाली पर भी प्रश्न चिन्ह लगा दिए कहा की रोड़ बनाने के साथ निकासी नालियां भी बनती है। फिर जिया फोरलेन से निकासी नालियां कैसे गायब है। एक तरफ नाली है भी वह भी अधूरी है। जबकि दूसरी तरफ निकासी नाली का नामोनिशान तक नहीं है। वहीं से ही बारिश में फोरलेन का सारा पानी हमारे खेतों को आ रहा है और नुकसान करता है। जबकि इस बारे उपायुक्त महोदय कुल्लू को भी लिखित शिकायत पत्र सौंपा है।वहीं ग्राम पंचायत जिया के प्रधान संजू पंडित का कहना है कि हमने निकासी नालियों के लिए कई बार प्रशासन को प्रस्ताव दिए लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला। उनका कहना है कि निकासी नालियों के बिना बारिश में रोड में भी पानी इकट्ठा हो जाता है उस समय गाड़ियों को निकालना मुश्किल हो जाता है। यही नहीं बरसात में पैदल चलने वालों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिया गांव को जाने वाले रोड के भी हालत खराब हो जाते हैं। स्कूली बच्चों, बजुर्गों व महिलाओं के लिए सड़क पर आया बारिश का पानी मुसीबत बन जाता है।











