विधेयक है कर्मचारी हितैषी.. विरोध नहीं है न्यायसंगत!
विक्रम वर्मा।
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पारित कर्मचारी नियुक्ति एवं सेवा संबंधी विधेयक 2024 प्रदेश के लाखों कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकारों को सुरक्षित करने हेतु एक आवश्यक पहल है, नियमित रूप से नियुक्त कर्मचारियों ने सरकार के इस निर्णय का जोरदार स्वागत किया है।
गौरतलब है कि माननीय न्यायालय द्वारा अनुबंध सेवा से वरिष्ठता प्रदान करने और वित्तीय लाभ प्रदान करने वाले आदेशों से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों की सेवा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था, जिसके कारण अधिकांश कर्मचारी बिना पद्दोन्नत हुए ही सेवानिवृत्त होने के कगार पर हैं। और उनके संवैधानिक अधिकारों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
विभिन्न कर्मचारी संगठनों और प्रतिनिधियों को यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि लाखों कर्मचारियों के हित सुरक्षित रखना भी आवश्यक है।
गौरतलब है कि अनुबंध नियुक्ति भी सरकार और विभाग के सेवा संबंधी नियमों में उल्लेखित है तभी सरकार द्वारा निश्चित समयावधि के पश्चात सभी कर्मचारियों को नियमित नियुक्ति प्रदान की जाती है।
अतः नियमित रूप से नियुक्त कर्मचारियों ने सरकार का आभार व्यक्त किया है और उम्मीद व्यक्त की है कि लाखों कर्मचारियों के हित सुरक्षित रखने वाले इस विधेयक को अतिशीघ्र अधिसूचित किया जाए ताकि कर्मचारियों में सुरक्षा और स्थायित्व का अहसास हो।
अगर आंकड़ों और तथ्यात्मक पहलुओं पर विचार किया जाए तो अनुबंध कर्मचारियों की संख्या हजारों में है जबकि नियमित आधार पर नियुक्त कर्मचारियों की संख्या लाखों में है। अतः इस विधेयक के लागू होने से लाखों कर्मचारियों के सेवा संबंधी अधिकार सुरक्षित रह पाएंगे।
कर्मचारियों में, राकेश कुमार, मुनीश कुमार, हरीश कुमार, डाक्टर महेंद्र, विक्रम वर्मा, अमित कुमार , विशाल कुमार विजय कुमार ने सरकार से आग्रह किया है कि समस्त कर्मचारियों के हित में इस विधेयक को अतिशीघ्र अधिसूचित और लागू किया जाए, यही कर्मचारियों और प्रदेश की वित्तीय स्थिति सुधारने में हितकारी है।








